-खो स्पोर्ट्स प्रमोशन वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया महाविद्यालय, अल्लीपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रथम राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता का भव्य समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।समापन समारोह के अतिथि श्री अभय शंकर गौड़ ने विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। वहीं प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी रेफरी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। *कार्यक्रम के संयोजक, खो-खो संघ हरदोई के अध्यक्ष डॉ. शीर्षेन्दु शील त्रिवेदी ‘विपिन’ प्राचार्य डॉ राम मनोहर लोहिया महाविद्यालय* ने कहा कि खो-खो – भारतीय संस्कृति, मिट्टी और गति का सामंजस्य का खेल मनुष्य के जीवन का अभिन्न अंग हैं। आज जब हम आधुनिकता की अंधी दौड़ में अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं, तब ‘खो-खो’ जैसे पारंपरिक खेल हमें हमारी माटी से जोड़ते हैं। खो-खो एक ऐसा खेल है जहाँ पलक झपकते ही रणनीति बदलनी पड़ती है। कब बैठना है, कब भागना है, और कब ‘खो’ देकर साथी को आगे बढ़ाना है—यह त्वरित निर्णय जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का मूलमंत्र है। खो-खो में सामूहिकता और टीम भावना के विकास के लिए इस खेल में कोई एक व्यक्ति नायक नहीं होता। पूरी टीम की जीत हर एक खिलाड़ी के समन्वय पर निर्भर करती है। यदि एक भी खिलाड़ी ने अपनी जगह छोड़ी या कमजोर कड़ी साबित हुआ, तो परिणाम बदल सकता है। यह हमें सिखाता है कि समाज और राष्ट्र भी एक टीम की तरह हैं, जहाँ हर व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है। खो-खो में कुछ सेकंड का तेज दौड़ और चकमा देने की कला—यह सब शारीरिक सुदृढ़ता की पराकाष्ठा है।”खेल के मैदान से बड़ा सामाजिक समरसता का कोई दूसरा विद्यालय नहीं हो सकता।” जब बालक और बालिकाएं किसी खेल के मैदान पर उतरते हैं, तो वहाँ न कोई जाति होती है, न वर्ग होता है, न भाषा का भेद होता है और न ही अमीर-गरीब का कोई अंतर होता है। वहाँ केवल एक पहचान होती है—’खिलाड़ी’, और एक लक्ष्य होता है—’जीत’ या ‘उत्कृष्ट प्रदर्शन’। महाविद्यालय में प्रतिवर्ष इसी प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाएगा, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके। उन्होंने उत्तर प्रदेश खो-खो संघ से आगामी जनवरी माह में ऑल इंडिया महिला खो-खो आमंत्रण प्रतियोगिता आयोजित कराने का भी आग्रह किया।प्रतियोगिता के परिणामों में बालक वर्ग में वाराणसी की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि गोरखपुर की टीम द्वितीय तथा गाजियाबाद की टीम तृतीय स्थान पर रही। वहीं बालिका वर्ग में गौतम बुद्ध नगर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। गाजियाबाद की टीम द्वितीय तथा गाजीपुर की टीम तृतीय स्थान पर रही।इस अवसर पर खो-खो स्पोर्ट्स प्रमोशन वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के महासचिव भूपेंद्र सिंह ने हरदोई में राष्ट्रीय स्तर की खो-खो प्रतियोगिता आयोजित कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में खो-खो फेडरेशन से वार्ता कर जल्द ही हरदोई में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित कराने का प्रयास किया जाएगा।कार्यक्रम के अंत में गोपाल नारायण मिश्र ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, आयोजकों, रेफरी एवं महाविद्यालय परिवार के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।इस अवसर पर शशिकांत पांडे, अलौकिक मिश्रा, देवेश मिश्रा, प्रकाश मिश्रा, गोविंद मिश्रा, पारुल गुप्ता, विनय जायसवाल, रश्मि द्विवेदी, रविंद्र गुर्जर, सत्य प्रकाश तिवारी सहित अनेक खिलाड़ी एवं महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।













